ईंधन (fuel )

ईंधन (fuel )- जिन पदार्थों को जलाकर ऊष्मा और प्रकाश ऊर्जा मिलती है, उन्हे ईंधन कहते है| ईंधन ठोस , तरल और गैस तीनों अवस्थाओ मे पाए जाते है| जैसे -(कोयला , लकड़ी , पेट्रोल , डीजल , किरोसिन आदि |

  1. ठोस ईंधन – ये ईंधन ठोस रूप मे होते है तथा जलाने पर कार्बन हाइड्रॉकसाइड , कार्बन मोनॉक्साइड व ऊष्मा उत्पन्न होती है|जैसे – लकड़ी , कोयला , कोक आदि |

कोयले की किस्मे – कार्बन की प्रतिशत मात्रा के आधार पर कोयला की चार प्रमुख किस्मे निम्नलिखित है –

  1. एंथ्रासाइट – एंथ्रासाइट कोयले की सर्वोतम किस्मे होती है। जिसमे कार्बन मात्रा 85% से अधिक होती है| यह कोयला नीली ज्वाला के साथ बिना धुआ के जलने पर बहुत ऊष्मा (ताप)देता है | भारत मे इसकी प्राप्ति जम्मू- कश्मीर से होती है |
  2. बिटुमिनस कोयला – शुद्धता मे एंथ्रासाइट के बाद बिटुमिनस कोयले का स्थान विश्व मे अग्रणी है | बिटुमिनस को मुलायम कोयले के नाम से भी जाना जाता है | इसमे कार्बन की प्रतिशत मात्रा (70-80%) तक होती है | भारत मे सबसे ज्यादा बिटुमिनस कोयले के भंडार है | मध्य प्रदेश मे सर्वाधिक मात्रा मे मिलने वाला कोयला बिटुमिनस कोयला ही है |
  3. लिग्नाइट कोयला – लिग्नाइट को भूरा कोयला भी कहा जाता है, जिसमे कार्बन की मात्रा 40-45% तक होती है | लिग्नाइट कोयले की सर्वाधिक प्राप्ति तमिलनाडु के नेवेली से प्राप्त की जाती है| वर्तमान मे इसे मुन्नार गुड़ी की खान से प्राप्त किया जा रहा है |
  4. पीट कोयला – पीट कोयला को सबसे घटिया कोयला भी कहा जाता है , जिसमे कार्बन की मात्रा 40% से भी कम होती है | इसमे केवल एक- तिहाई कोयला होता है | पीट का इस्तेमाल आमतौर पर घरेलु ईंधन के रूप मे किया जाता है | इसका निर्माण दलदलीय भूमि से होता है |

द्रव ईंधन – ईंधन का अर्थ है वो ईंधन जो कमरे के तापमान पर तरल अवस्था मे होते है | जैसे – पेट्रोल , डीजल , किरोसिन आदि |

  1. पेट्रोल – पेट्रोलियम से प्राप्त एक तरल जिसका उपयोग विशेष रूप से कारों और अन्य वाहनों के लिए ईंधन के रूप मे किया जाता है | पेट्रोल पेट्रोलियम से प्राप्त एक ज्वलनशील , वाष्पशील तरल मिश्रण है | जिसे मुख्यतः आंतरिक दहन ईंधन के रूप मे उपयोग किया जाता है | 1859 मे एडविन ड्रेक ने पेन्सिलवेनिया मे पहला व्यावसायिक तेल कुआ खोदा , जहा से पेट्रोल निकल था |
  2. डीजल – डीजल को भी हिन्दी मे (शिलातेल या धर्वस्वर्ण )कहा जाता है | डीजल एक प्रकार का ईंधन है \ यह मुख्य रूप से डीजल ईंधन मे इस्तेमाल होता है | कच्चे तेल से प्ररिष्कृत होकर प्राप्त होता है | पेट्रोल की तुलना मे इसका ज्वालान्नक अधिक है | रुडोल्फ डीजल नामक ने 1892 मे डीजल ईंधन का आविष्कार किया जिसका उद्देश था कम इंशन मे ज्यादा शक्ति और माइलेज देना|
  3. मिट्टी का तेल – केरोसिन का घनत्व 0.81 gm / cm3 है| मिट्टी का तेल कम घना होने के कारण पानी की सतह पर प्रसुप्त रूप मे होता है | मिट्टी का तेल एक द्रव ईंधन है | इसे कच्चे तेल से परिष्कृत किया जाता है | रंग हल्का पीला या पारदर्शी और गंध हल्की होती है | इसका ज्वलनांक पेट्रोल से अधिक और डीजल से कम होती है | यह घरेलू और औधोगिक उपयोग मे आता है |
  4. पेट्रोलियम – पेट्रोलियम शब्द की उत्पत्ति -यह लैटिन शब्द [पेट्रा petra (चटान )+oleum (तेल)]यानी चटानो का तेल |यह कच्चे तेल के रूप मे पृथ्वी की सतह और भूमिगत जलाशयों मे पाया जाता है| रंग काला या भूरा , गढ़ा और तेल जैसी बनावट | जिसको शोधन करके विभिन्न उत्पाद तैयार किया जाता है तथा उपयोग किया जाता है|

उत्पाद उपयोग

  1. पेट्रोल वाहन इंजन (car ,bike )
  2. डीजल भारी वाहन ,ट्रेक्टर , जनरेटर
  3. मिट्टी का तेल स्टोव , लैप , घरेलू उपयोग
  4. लुब्रिकेट मशीन की चिकनाई
  5. डिस्टीलेट्स पेंट , रसायन उधोग
  6. एयरोसोल / वेलसेस औधोगिक उपयोग

गैस ईंधन – यह ठोस एवं द्रव इंधनों की तुलना मे अधिक सुविधाजनक एवं उपयोगी है | इसे पाइपलाइन या सिलेंडर की मदद से दूरस्थ स्थानों पर सुगमता से ले जय जा सकता है | इनके जलने के पश्चात कोई अपशिष्ट पदार्थ नहीं बनते | इनसे ठोस एवं द्रव ईंधन की तुलना मे अधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है | जैसी – lpg ,कॉलगैस , प्रोड्यूसर गैस , गोबर गैस आदि

प्रोड्यूसर गैस – यह गैस लाल तप्त कोक पर वायु प्रवाहित करके बनायी जाती है, इसमे मुख्यतः कार्बन मोनोऑक्साइड ईंधन का काम करता है | इसमे 70%नाइट्रोजन , 25%कार्बनमोनॉक्साइड एवं 4%कार्बन डाइऑक्साइड रहता है| इसका ऊष्मीय मान 1100 keal /kg होता है| कांच एवं इस्पात उधोग मे इसका प्रयोग ईधन के रूप मे किया जाता है|

जल गैस – इसमे हाइड्रोजन 49% कार्बनमोनो आक्साइड 45% तथा करबंडाईआक्साइड 4-5% रहता है| इसका ऊष्मीय मान 2500-2800 keal /kg होता है | इसका उपयोग हाइड्रोजन एवं एल्कोहॉल के निर्माण मे अपचयक के रूप मे होता है |

कोलगैस – यह कोयले का भंजक आसवन से बनाया जाता है | यह रंगीन तीक्षन गंध वाली गैस है , यह वायु के साथ विस्फोटक मिश्रण बनाती है| इसमे 54%हाइड्रोजन , 35%मीथेन ,11%कार्बनमोनॉक्साइड ,5%हाइड्रोजन , 3%कार्बनऑक्साइड होता है| ईंधन का ऊष्मीय मान उसका कोटी का निर्धारण करता है| कोलगैस – H2 +CH4 +H+C+CO2 , ऊष्मीय – 3100-3500 keal /kg |

एल . पी . जी – अत्यधिक ज्वलनशील होती है,अतः इससे होने वाली दुर्घटना से बचने के लिए इसमे सल्फर के यौगिक (मिथाइल मरकोप्टेन )को मिल देते है,ताकि इसके रिसाव को इसकी गंध से पहचान लिया जाए |

प्रश्न

  1. निम्नलिखित मे से कौन जीवाश्म ईंधन है?– कोयला
  2. पेट्रोल का मुख्य उपयोग किसमे होता है ?-पेट्रोल इंजन
  3. डीजल इंजन किस सिद्धांत पर काम होता करता है ?-संपीड़न इग्निशन
  4. मिट्टी का तेल मुख्य रूप से किसके लिए प्रयोग होता है ? – खाना और लैंप बनाना
  5. पेट्रोलियम को विभिन्न अंशों मे अलग करने की प्रक्रिया को क्या कहते है?– असवन
  6. बायोगैस किससे बनाता है ?– पशु और पौधों का अपशिष्ट ,गोबर
  7. निम्न मे से कौन ईंधन सबसे स्वच्छ माना जाता है ? – हाइड्रोजन
  8. प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक क्या है ?– मीथेन
  9. निम्न मे से कौन सा नवीकरणीय ईंधन है ?– बायोगैस
  10. कोयले से प्राप्त ऊर्जा क्या कहलाती है ?– रासायनिक ऊर्जा
  11. एल . पी. जी चूल्हे मे कौन सी ईंधन उपयोग होते है ?– द्रविकृत पेट्रोलियम गैस
  12. डीजल मे पेट्रोल की तुलना मे अधिक ———होता है ?– ज्वालनांक
  13. थर्मल पॉवर प्लांट मे उपयोग होने वाला ठोस ईंधन कौन सा है ? – कोयला
  14. ऑक्टेन नम्बर क्या दर्शाता है ? – पेट्रोल की ज्वलन गुणवाता
  15. निम्न मे से कौन सा ईंधन ऑक्सीजन रहित स्थिति मे जैविक पदार्थ के अपघटन से प्राप्त होता है ?– बायोगैस

Discover more from santalipeda.com

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading