अम्ल, क्षार एवं लवण
✶ अम्ल (Acid) → जो पदार्थ पानी में घुलने पर खट्टा स्वाद देते हैं, उन्हें अम्ल कहते हैं। अम्ल रासायनिक यौगिक होते हैं। अम्ल, क्षार एवं लवण तीनों ही रासायनिक यौगिक होते हैं।या वे पदार्थ, जो धातुओं से संयोग कर हाइड्रोजन विस्थापित करती हैं। अम्ल कहलाती हैं।
उदाहरण →H₂SO₄ + Zn → ZnSO₄ + H₂2Ag + 2HNO₃ → 2AgNO₃ + H₂
✶ आहिनियस अवधारणा → इस सिद्धांत के अनुसार अम्ल वह पदार्थ है, जो जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H⁺) मुक्त करता है।
✶ 1) सल्फ्यूरिक अम्ल → प्रयोगशाला की गंदगी को साफ करने के लिए ऑयल ऑफ विट्रियल का प्रयोग किया जाता है। वर्तमान में मोटर कार की बैटरियों के पानी के रूप में तनु सल्फ्यूरिक अम्ल का प्रयोग किया जाता है। (H₂SO₄)
अम्लराज → 3 भाग (con. HCl + 1 भाग con. HNO₃) :- 3:1 में सान्द्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एवं सान्द्र नाइट्रिक अम्ल का मिश्रण उत्कृष्ट धातुओं, जैसे सोना एवं चाँदी तथा अशुद्ध के रूप में कॉपर या प्लेटिनम को गलाने का सामर्थ्य रखता है।
✶ ऐक्वा रेजिया या अम्लराज के इन गुण के कारण स्वर्णकारों के द्वारा आभूषण बनाते समय उत्कृष्ट धातुओं एवं कठोरता के सदैव की पूर्ति हेतु धातुओं जैसे प्लेटिनम की ज्वलन में इसका प्रयोग किया जाता है। (3HCl + 1HNO₃ → (3:1))
✶ बेंजोइक एसिड → (C₆H₅COOH) → खाद्य पदार्थों के परीक्षण में अर्थात खाद्य पदार्थों को सड़ने से बचाने हेतु बेंजोइक एसिड का प्रयोग किया जाता है।
✶ एसिटिक अम्ल (CH₃COOH) → इसका प्रयोग सिरका निर्माण में, खाद्य पदार्थों के परिक्षण में विलायक के रूप में व Aciton बनाने में किया जाता है।
✶ ऑक्सैलिक एसिड (C₂H₂O₄) → कपड़ों से दाग धब्बों (जंग) हटाने हेतु ऑक्सैलिक एसिड का प्रयोग किया जाता है। इसका इस्तेमाल सफाई और चमकाने के लिए किया जाता है।
✶ लैक्टिक एसिड (C₃H₆O₃) → कठोर परिश्रम लंबे समय तक करने से पेशियों में लैक्टिक एसिड का संचय हो जाता है। दूध से दही निर्माण में लैक्टोबैसिलस जीवाणु द्वारा लैक्टिक एसिड में परिवर्तित होती है।
✶ साइट्रिक अम्ल (Citric Acid – C₆H₈O₇) → इसका उपयोग खाद्य पदार्थों, दवाओं, धातुओं को साफ करने व कपड़ा उद्योग में किया जाता है।
✶ नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) → इसका उपयोग उर्वरक, रंगों, प्लास्टिक, दवाओं, स्वर्ण रेज़ा, विस्फोटकों के निर्माण में, स्टेनलेस स्टील के अम्लोपचार में, धातुओं के निष्कर्षण में, फोटोग्राफी व रॉकेट ईंधनों में किया जाता है।
✶ यूरिक एसिड (C₅H₄N₄O₃) → यूरिक एसिड, खून में पाए जाने वाला एक अपशिष्ट उत्पाद है। यह शरीर में प्यूरिन नामक प्रोटीन टूटने से बनता है, ज्यादातर यूरिक एसिड किडनी से फ़िल्टर होकर पेशाब के जरिए बाहर निकल जाता है। अगर यूरिक एसिड का मात्रा ज्यादा हो जाए, तो यह जोड़ों में जमा होकर गाउट का कारण बन सकता है।
✶ न्यूक्लिक अम्ल → न्यूक्लिक अम्ल एक प्रकार का जैव अणु है जो डीएनए (DNA) और RNA जैसे महत्वपूर्ण अणुओं का निर्माण करता है। यह सभी जीवित कोशिकाओं और वायरस में पाया जाता है और आनुवंशिक जानकारी को संग्रहीत और संचारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
✶ ओलिक अम्ल (Oleic Acid) → जिसे Omega-9 फैटी एसिड भी कहा जाता है। यह एक मोनो अनसैचुरेटेड फैटी एसिड है जो विभिन्न पशु और वनस्पति वसा और तेलों में पाया जाता है, विशेषकर जैतून का तेल। यह प्रकृति में सबसे आम फैटी एसिडों में से एक है। (C₁₈H₃₄O₂)यह दर्द निवारक दवा के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।
✶ Acitil सैलिसिलिक एसिड (C₉H₈O₄) → एस्पिरिन (Acitil celiselik) जिसका वैज्ञानिक नाम एसिटिल सैलिसिलिक एसिड है। यह एक औषधीय रासायनिक जेल, क्रीम, लोशन या घोल है। यह मुँहासों के दाग-धब्बे, मस्से, सोरायसिस, कॉर्न्स और अन्य त्वचा स्थितियों का इलाज और रोकथाम करता है
✶ फॉस्फोरिक अम्ल (H₃PO₄) एवं कार्बोनिक अम्ल (H₂CO₃) → इसका उपयोग उर्वरक, खाद्य पदार्थों और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में होता है, जबकि कार्बोनिक अम्ल (H₂CO₃) एक कार्बनिक अम्ल है जो कार्बन डाइऑक्साइड के पानी में घुलने से बनता है जिसका उपयोग पेय पदार्थों और अन्य अनुप्रयोगों में होता है।
✶ क्षार (Bases) → क्षार एक ऐसा पदार्थ है, जिसके जल में मिलने से जल का pH मान 7.0 से अधिक हो जाता है। ब्रॉन्स्टेड और लॉरी के अनुसार, क्षार एक ऐसा पदार्थ है जो अम्लीय पदार्थों को OH⁻ दान करते हैं। क्षार वास्तव में वे पदार्थ हैं जो अम्ल के साथ मिलकर लवण और जल बनाते हैं। क्षार वह पदार्थ हैं जो जलीय विलयन में हाइड्रॉक्सिल आयन (OH) मुक्त करते हैं।
✶ कास्टिक सोडा (NaOH) – कास्टिक सोडा जिसे सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) भी कहते हैं, एक शक्तिशाली क्षार है। जिसका उपयोग साबुन, कागज और अन्य उद्योगों में किया जाता है।
✶ मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड (Mg(OH)₂) → एक अकार्बनिक यौगिक है जिसका रासायनिक सूत्र Mg(OH)₂ है। इसे मिल्क ऑफ मैग्नीशिया कहते हैं क्योंकि जल में घुलकर यह दूध जैसा दिखता है। इसका उपयोग पेट की अम्लता दूर करने में किया जाता है।
✶ पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड (KOH) → जिसे कास्टिक पोटाश या पोटाश लाई भी कहा जाता है, एक मजबूत क्षारीय यौगिक है। जिसका सूत्र KOH है। इसका उपयोग साबुन, उर्वरक और अन्य औद्योगिक प्रक्रियाओं में किया जाता है, मुख्यतः साबुन जैसे नरम साबुन में।
✶ प्रबल अम्ल → वे अम्ल होते हैं जो पानी में पूरी तरह से या लगभग पूरी तरह से आयनित होते हैं। कुछ प्रबल अम्ल के उदाहरणों में HCl, H₂SO₄, HNO₃, HClO₄ शामिल हैं।
✶ लवण (salt) → लवण विभिन्न प्रकार के होते हैं अर्थात अम्लीय लवण, क्षारीय लवण, उदासीन लवण, मिश्रलवण। वह लवण जो दुर्बल क्षार और प्रबल अम्ल के बीच अभिक्रिया के परिणामस्वरूप बनता है, अम्लीय लवण कहलाता है। लवण वास्तव में अम्ल व क्षार के उदासीनीकरण प्रक्रिया का परिणाम हैं।
उदाहरण → HCl + NaOH → NaCl + H₂O
✶ पी.एच. पैमाना (pH) → 1909 ई० में सोरेन्सन नामक रसायनज्ञ ने एक पैमाना विकसित किया जिसे pH पैमाना कहते हैं। किसी विलयन की अम्लीयता और क्षारीयता की जाँच करने के लिए इस पैमाना का उपयोग किया जाता है।
Questions
एक्वा रेजिया का अनुपात होता है? → 3:1 (HCl + HNO₃)
प्रयोगशाला में सफाई के रूप में उपयोगी → H₂SO₄
मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए उपयोगी पदार्थ → Ca(OH)₂
सबसे महँगी धातु (आभूषण) को गलाने में उपयोगी → अम्लराज
निम्न में प्रबल अम्ल नहीं है → सल्फ्यूरिक अम्ल
शीतल पेय पदार्थ बनाने में प्रयुक्त गैस → कार्बनिक अम्ल
कुछ धातुओं से क्रिया करने पर H₂ गैस छोड़ती है →2Na + 2HCl → 2NaCl + H₂