कार्य, ऊर्जा और शक्ति (work, energy and power)

कार्य क्या है?

→ कार्य तब होता है जब कोई बल किसी वस्तु पर लगता है और वह वस्तु बल की दिशा में गतिशील होता है। अर्थात बल और वस्तु की गति समान दिशा में हो, तो कार्य सकारात्मक होता है।

कार्य = बल × विस्थापन/दूरी यह अदिश राशि है जिसका SI मात्रक जूल/अर्ग होता है। चूंकि कार्य तीन प्रकार के हो सकता है अर्थात सकारात्मक, नकारात्मक एवं शून्य कार्य हो सकता है।

उदाहरण → यदि आप 10 N बल से 5 मीटर तक बक्सा खींचते हैं, तो कार्य होगा →

कार्य = बल × विस्थापन/दूरी = 10N × 5m= 50 jul

कार्य के प्रकार (Types of work)

सकारात्मक कार्य

→ जब बल और गति की दिशा समान होती हैं, तो कार्य सकारात्मक होता है।

उदाहरण → किसी वस्तु को ऊपर उठाना, वाहन का आगे बढ़ना।

नकारात्मक कार्य

→ जब बल और गति की दिशा विपरीत होती हैं, तो कार्य नकारात्मक होता है।

उदाहरण → ब्रेक लगाना, बंदूक से निकलने वाली गोली।

शून्य कार्य

→ जब कोई बल लगता है, लेकिन वस्तु हिलती नहीं है, तो कार्य शून्य होता है।

उदाहरण → दीवार को धक्का देना और दीवार का नहीं हिलना

ऊर्जा क्या है?

→ ऊर्जा वह क्षमता है जो किसी वस्तु को कार्य करने के लिए मिलती है। ऊर्जा की इकाई जूल है। या इस प्रकार भी समझ सकते हैं कि जब किसी वस्तु में ऊर्जा होती है, तो वह किसी प्रकार का कार्य करने में सक्षम होता है।

यह अदिश राशि होता है तथा इसका SI मात्रक भी Jul/arg होता है।

ऊर्जा दो प्रकार की होती है — गतिज ऊर्जा तथा स्थितिज , ऊर्जा लेकिन इसका स्वरूप अनेक प्रकार के होते हैं

जैसे — पवन ऊर्जा, जल ऊर्जा, सौर ऊर्जा etc.

ऊर्जा के प्रकार

स्थितिज ऊर्जा

→ यह ऊर्जा किसी वस्तु के ऊँचाई पर होने के कारण होती है। यह वस्तु की द्रव्यमान और ऊँचाई पर निर्भर करती है। यह अदिश राशि है। जिसका विमीय सूत्र — [M¹L²T⁻²]

अर्थात स्थितिज ऊर्जा = m × g × h(PE = mgh)

गतिज ऊर्जा

→ यह ऊर्जा तब होती है जब किसी वस्तु की गति होती है। यह गति और द्रव्यमान पर निर्भर करता है। यह अदिश राशि है जिसका विमीय सूत्र — [M¹L²T⁻²] है।

अर्थात गतिज ऊर्जा = ½ mv² या (KE = ½ mv²)

तापीय ऊर्जा

→ यह ऊर्जा तब होती है जब किसी वस्तु का तापमान बढ़ता है। गर्म वस्तुओं में अधिक तापीय ऊर्जा होती है।

जैसे- इस्त्री में उत्पन्न ऊर्जा, केतली में उबाल गर्मी।

रासायनिक ऊर्जा

→ यह ऊर्जा रासायनिक बंधों में छिपी होती है। जब रासायनिक बंध टूटते हैं या बनते हैं, तो यह ऊर्जा उत्पन्न होती है। यह ऊर्जा ईंधन, खाना और बैटरियों में मौजूद होती है।

जैसे- भोजन में छिपी ऊर्जा, पेट्रोल, गैस आदि।

विद्युत ऊर्जा

→ यह ऊर्जा तब उत्पन्न होती है जब विद्युत धारा के प्रवाह से काम किया जाता है। यह ऊर्जा तब उपयोगी होती है जब किसी उपकरण को काम करने के लिए बिजली की जरूरत होती है।

जैसे- बल्ब जलाना, इलेक्ट्रिक मोटर चलाना।

ऊर्जा रूपांतरण करने वाले उपकरण


उपकरण का नाम — ऊर्जा का रूपांतरण

विद्युत बल्ब. -विद्युत ऊर्जा को प्रकाश ऊर्जा में
विद्युत हीटर. -विद्युत ऊर्जा को ऊष्मा ऊर्जा में
लाउडस्पीकर -विद्युत ऊर्जा को ध्वनि ऊर्जा में
विद्युत मोटर -विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में
डायनमो. -यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में
मोमबत्ती. -रासायनिक ऊर्जा को ऊष्मा एवं प्रकाश में
माइक्रोफोन. -ध्वनि ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में
सोलर सेल. -सौर ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में
विद्युत सेल. -रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में
सितार. -यांत्रिक ऊर्जा को ध्वनि ऊर्जा में

शक्ति

→ शक्ति किसी प्रणाली की काम करने की दर को दर्शाती है। यह बताती है कि किसी निश्चित समय में कितनी ऊर्जा का उपयोग किया जा रहा है। इसे आमतौर पर काम की दर के रूप में समझा जा सकता है।

शक्ति = काम/समययह अधिक राशि होता है जिसका SI मात्रक watt है।

Questions

  1. कार्य की SI मात्रक क्या है?

Ans → जूल

2. पावर की SI इकाई क्या है?

Ans → वाट

3. कार्य कब किया जाता है?

Ans → जब वस्तु बल की दिशा में चलती है।

4. ऊर्जा किससे मापी जाती है?

Ans → जूल

5. गतिज ऊर्जा का सूत्र क्या है?

Ans → Ke=1/2mv^2

6. बल की इकाई क्या है?

Ans → न्यूटन

7. पावर किसका दर है?

Ans → कार्य

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