गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force)

गुरुत्वाकर्षण बल

→ एक प्राकृतिक बल है जो हर वस्तु को एक दूसरे की ओर आकर्षित करता है। यह बल पृथ्वी, अन्य ग्रहों, तारे और अन्य खगोलीय पिंडों के बीच काम करता है। इसका प्रभाव न केवल पृथ्वी पर महसूस किया जाता है, बल्कि पूरे ब्रह्मांड में हर जगह काम करता है। जिसे 1687 में न्यूटन के द्वारा खोजा गया।—

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम

न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम

→ प्रत्येक वस्तु दूसरे पिंड को एक बल द्वारा आकर्षित करती है, जो उनके द्रव्यमान के अनुपात में और उनके बीच की दूरी के वर्ग के विपरीत अनुपात में होता है।

f ∝ m₁ m₂ —— (i) f ∝ 1 / r² —— (ii)

समीकरण (i) व (ii) से,

f ∝ (m₁ m₂) / r²

f = (G m₁ m₂) / r²

(जहाँ G = नियतांक)

G = 6.67 × 10⁻¹¹ N m²/kg²

गुरुत्वाकर्षण बल की विशेषताएँ

सर्वव्यापी बल

→ यह बल प्रत्येक वस्तु के बीच कार्य करता है, चाहे वह कितनी भी दूरी हो। यह पूरे ब्रह्मांड में हर जगह कार्य करता है।

आकर्षण बल

→ यह बल वस्तुओं को एक दूसरे की ओर आकर्षित करता है। यह बल कभी नकारात्मक (Repulsive) नहीं होता।

गुरुत्वाकर्षण बल का प्रभाव

पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण

→ पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल हमें पृथ्वी की सतह पर बनाए रखता है। यह बल पृथ्वी हमें अपनी ओर खींचता है, जिसे हम वजन कहते हैं।भार = द्रव्यमान × गुरुत्वीय बल

(W = mg)

वस्तुओं का गिरना

→ जब हम किसी वस्तु को ऊपर उठाकर छोड़ते हैं, तो वह गुरुत्वाकर्षण बल के कारण पृथ्वी की ओर गिर जाती है।

गति/गतिशीलता

→ यह बल ग्रहों, उपग्रहों और अन्य खगोलीय पिंडों को उनके कक्षों में बनाए रखता है।

(गुरुत्वीय त्वरण / g) = 9.8 m/sec²

गुरुत्वाकर्षण बल का उदाहरण

पृथ्वी और वस्तु के बीच गुरुत्वाकर्षण बल

अगर एक (1 kg) किलोग्राम की वस्तु को पृथ्वी पर रखा जाता है, तो उस पर कार्य करने वाला गुरुत्वाकर्षण बल (f = ma)

ग्रहों और उपग्रहों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल

→ ग्रहों और उपग्रहों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल उनके कक्षीय गति को नियंत्रित करता है।

उदाहरण के लिए – चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही परिक्रमा करता है।

गुरुत्वाकर्षण

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम

* किसी दो पिंडों के बीच कार्य करने वाला आकर्षण बल पिंडों के द्रव्यमानों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

अर्थात्f ∝ m₁ m₂ (i)तथाf ∝ 1 / r² (ii)

f = (G m₁ m₂) / r²

जहाँ G = स्थिरांक

G = 6.67 × 10⁻¹¹ N m²/kg²

गुरुत्व

न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के अनुसार दो पिंडों के बीच एक आकर्षण बल कार्य करता है, यदि उनमें से एक पिंड पृथ्वी हो तो उसका आकर्षण बल ही गुरुत्व कहलाता है। अर्थात्, गुरुत्व वह आकर्षण बल है, जिसे पृथ्वी किसी वस्तु को अपने केंद्र की ओर खींचती है। इस बल के कारण जो त्वरण उत्पन्न होती है, उसे गुरुत्वजनित त्वरण (g) कहते हैं।

g = 9.8 m/sec^2

“g” के मान में परिवर्तन

1) पृथ्वी की सतह से ऊपर या नीचे जाने पर g का मान बदलता है।

2) g का मान अधिकतम पृथ्वी के ध्रुव (pole) पर होता है। 3) g का मान न्यूनतम विषुवत रेखा (equator) पर होता है। 4) पृथ्वी की घूर्णन गति बढ़ने पर g का मान कम हो जाता है। 5) पृथ्वी की घूर्णन गति घटने पर g का मान बढ़ जाता है।

ग्रहों के गति सम्बन्धी केपलर का नियम

1) प्रत्येक ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार (elliptical) कक्षा में परिक्रमा करता है तथा सूर्य उस कक्षा के एक फोकस (focus) पर स्थित होता है।

पलायन वेग

पलायन वेग वह न्यूनतम वेग है, जिससे किसी पिंड को पृथ्वी की सतह से ऊपर ले जाने पर वह गुरुत्वीय क्षेत्र को पार कर जाता है और पृथ्वी पर वापस नहीं आता। पृथ्वी के लिए पलायन वेग 11.2 km/s है। यदि किसी वस्तु को पृथ्वी की सतह से 11.2 km/s या उससे अधिक वेग से ऊपर किसी भी दिशा में फेंक दिया जाए तो वह वापस नहीं आएगी।

सर आइजैक न्यूटन

सर आइजैक न्यूटन एक अंग्रेज वैज्ञानिक थे। वे एक महान गणितज्ञ, भौतिक विज्ञानी, खगोलशास्त्री, धर्मशास्त्री और लेखक थे। न्यूटन को आधुनिक विज्ञान का जनक कहा जाता है। उनका जन्म 25 दिसम्बर 1642 को इंग्लैंड के लिंकनशायर के वूल्सथॉर्प में हुआ था। उनकी मृत्यु 20 मार्च 1727 को लंदन में हुई थी। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण का नियम और गति के सिद्धांत की खोज भी की।

लिफ्ट का सिद्धांत क्या है?

→ लिफ्ट का सिद्धांत न्यूटन के गति के नियमों पर आधारित है। लिफ्ट में खड़े व्यक्ति का प्रत्यक्ष भार लिफ्ट की गति पर निर्भर करता है। यदि लिफ्ट ऊपर या नीचे तेजी से चल रही है, उसी के अनुसार हमें अपना वजन ज्यादा, कम या शून्य महसूस होता है।

वास्तविक भार और प्रत्यक्ष भार

वास्तविक भार (Real weight) = mg

प्रत्यक्ष भार (Apparent weight) = Normal Reaction (N)

जो वजन हमें महसूस होता है, वही प्रत्यक्ष भार होता है।

g (Acceleration due to gravity) क्या है?

→ g वह त्वरण है जो किसी वस्तु को पृथ्वी अपने गुरुत्वाकर्षण बल से नीचे की ओर खींचती है। जब कोई वस्तु गिरती है, तो उसकी गति हर सेकंड बढ़ती जाती है — इसी बढ़ने की दर को g कहते हैं। g का मान पृथ्वी पर औसतन

g = 9.8 m/s^2

अक्सर गणनाओं में g = 10 m/s^2का मान भी ले लेते हैं (आसान हिसाब के लिए)

g किन‑किन बातों पर निर्भर करता है?

→ ऊँचाई पर, गहराई पर, अक्षांश पर

( जो ऊपर में बताया गया है (g के मान में परिवर्तन)

गुरुत्वाकर्षण टेस्ट

गुरुत्वाकर्षण टेस्ट

कुल प्रश्न: 18

प्रत्येक प्रश्न का समय: 40 सेकंड

40

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