श्वसन क्या है?
श्वसन वह जैविक प्रक्रिया है जिसमें जीव वातावरण से ऑक्सीजन ग्रहण करता है तथा कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालता है। यह प्रक्रिया जीवित रहने के लिए आवश्यक ऊर्जा उपलब्ध कराती है।जब हम भोजन करते हैं, तब भोजन में संचित ऊर्जा सीधे उपयोग नहीं हो सकती। कोशिकाएँ ऑक्सीजन की सहायता से भोजन का विघटन करके ऊर्जा प्राप्त करती हैं। इस ऊर्जा का उपयोग वृद्धि, गति, प्रजनन और अन्य जीवन क्रियाओं में होता है।
श्वसन के दो मुख्य उद्देश्य
ऑक्सीजन ग्रहण करना। कार्बन डाइऑक्साइड का निष्कासन करना।
मानव श्वसन तंत्र
मानव श्वसन तंत्र कई अंगों से मिलकर बना होता है जो वायु को फेफड़ों तक पहुँचाते हैं।
नासाछिद्र
श्वसन की शुरुआत नासाछिद्रों से होती है। वायु सबसे पहले यहीं प्रवेश करती है।कार्यधूल के कणों को रोकना।वायु को गर्म करना।वायु को नम बनाना।
नासिका गुहा
यह नाक के भीतर का भाग है।कार्यवायु का शोधन।वायु को शरीर के अनुकूल बनाना।
ग्रसनीयह
नाक और मुख को श्वासनली से जोड़ती है।कार्यवायु के आवागमन का मार्ग प्रदान करना।
कंठ
इसे स्वरयंत्र भी कहते हैं।कार्यध्वनि उत्पन्न करना।वायु को श्वासनली तक पहुँचाना।
श्वासनली
यह लगभग 12 सेंटीमीटर लंबी नली होती है।कार्यवायु को फेफड़ों तक पहुँचाना।इसके अंदर उपस्थित रोम और श्लेष्मा धूल को रोकते हैं।
श्वसनी
श्वासनली नीचे जाकर दो शाखाओं में विभाजित होती है जिन्हें श्वसनी कहते हैं।कार्यप्रत्येक श्वसनी एक फेफड़े में प्रवेश करती है।
श्वसनिकाएँ
श्वसनी आगे छोटी-छोटी शाखाओं में विभाजित होती हैं जिन्हें श्वसनिकाएँ कहते हैं।कार्यवायु को वायुकोष्ठिकाओं तक पहुँचाना।
वायुकोष्ठिकाएँये
फेफड़ों में उपस्थित सूक्ष्म वायु थैलियाँ होती हैं।विशेषताएँसंख्या करोड़ों में होती है।दीवार अत्यंत पतली होती है।चारों ओर रक्त केशिकाएँ होती हैं। कार्य गैसों का विनिमय।
फेफड़े
मनुष्य में दो फेफड़े होते हैं।दायाँ फेफड़ातीन खंडों में विभाजित।बायाँ फेफड़ादो खंडों में विभाजित।फुफ्फुसावरणफेफड़े दोहरी झिल्ली से ढके रहते हैं।कार्यफेफड़ों की सुरक्षा।घर्षण कम करना।
श्वसन की क्रियाविधि
श्वसन दो चरणों में होता है—
श्वास लेना
इस प्रक्रिया में वायु फेफड़ों के अंदर जाती है।क्या होता है?मध्यच्छद संकुचित होकर नीचे चला जाता है।पसलियाँ ऊपर और बाहर की ओर उठती हैं।वक्ष गुहा का आयतन बढ़ता है।फेफड़े फैल जाते हैं।वायु फेफड़ों में प्रवेश करती है।
श्वास छोड़ना
इस प्रक्रिया में वायु शरीर से बाहर निकलती है।क्या होता है?मध्यच्छद शिथिल होकर ऊपर आ जाता है।पसलियाँ नीचे आ जाती हैं।वक्ष गुहा का आयतन कम हो जाता है।फेफड़े सिकुड़ जाते हैं।वायु बाहर निकल जाती है।
वायुकोष्ठिकाओं में गैसों का विनिमय
वायुकोष्ठिकाओं की दीवार अत्यंत पतली होती है।जब रक्त वायु कोष्ठिकाओं के पास पहुँचता है—ऑक्सीजन वायुकोष्ठिका से रक्त में चली जाती है।कार्बन डाइऑक्साइड रक्त से वायुकोष्ठिका में आ जाती है।इस प्रक्रिया को विसरण कहते हैं।
रक्त द्वारा गैसों का परिवहन
ऑक्सीजन का परिवहनरक्त में उपस्थित हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन से जुड़कर ऑक्सीहीमोग्लोबिन बनाता है।परिवहनलगभग 97 प्रतिशत ऑक्सीजन हीमोग्लोबिन द्वारा।लगभग 3 प्रतिशत ऑक्सीजन रक्त द्रव में घुली हुई।कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहनतीन रूपों मेंबाइकार्बोनेट आयन के रूप में (लगभग 70%)कार्बामिनोहीमोग्लोबिन के रूप में (20–25%)रक्त द्रव में घुली हुई (लगभग 7%)
ऑक्सीजन
-हीमोग्लोबिन वियोजन वक्रयह वक्र दर्शाता है कि विभिन्न परिस्थितियों में हीमोग्लोबिन कितनी ऑक्सीजन बाँध सकता है।विशेषताएँअंग्रेजी अक्षर S के आकार का होता है।ऑक्सीजन की अधिक मात्रा पर अधिक ऑक्सीजन बंधती है।ऊतकों में ऑक्सीजन आसानी से मुक्त हो जाती है।
श्वसन का नियंत्रण एवं नियमन
श्वसन स्वतः नियंत्रित होता है।नियंत्रण केंद्रसुषुम्ना शीर्षश्वसन की मूल गति नियंत्रित करता है।सेतुश्वसन की दर नियंत्रित करने में सहायता करता है।रासायनिक नियंत्रणजब शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ती है—श्वसन केंद्र सक्रिय हो जाता है।श्वसन की दर बढ़ जाती है।
शारीरिक व्यायाम के समय परिवर्तन
जब व्यक्ति दौड़ता है या परिश्रम करता है—परिवर्तनऑक्सीजन की आवश्यकता बढ़ती है।श्वसन दर बढ़ती है।हृदय गति बढ़ती है।अधिक ऊर्जा उत्पन्न होती है।अधिक कार्बन डाइऑक्साइड बनती है।
पौधों में श्वसन
पौधे भी श्वसन करते हैं।पत्तियों मेंरंध्रों द्वारा गैसों का आदान-प्रदान।तनों मेंवातरंध्रों द्वारा गैसों का आदान-प्रदान।जड़ों मेंमृदा की वायु से ऑक्सीजन प्राप्त होती है।
श्वसन संबंधी रोग
दमा
कारण -एलर्जी धूल धुआँ
लक्षण – साँस लेने में कठिनाई घरघराहट
फुफ्फुस प्रस्फीति
कारण – धूम्रपान
प्रभाव – वायु कोष्ठिकाएँ क्षतिग्रस्त हो जाती हैं।श्वसन कठिन हो जाता है।
व्यावसायिक श्वसन रोग
कारण – सीमेंट, कोयला, कपास आदि की धूल
प्रभाव – फेफड़ों की कार्यक्षमता कम हो जाती है।
important word
श्वास
वायु को अंदर लेना और बाहर निकालना।
विसरण
अधिक सांद्रता से कम सांद्रता की ओर कणों का संचलन।
हीमोग्लोबिन
लाल रक्त कणिकाओं में पाया जाने वाला वर्णक।
वायुकोष्ठिका
फेफड़ों की सूक्ष्म वायु थैली जहाँ गैसों का विनिमय होता है।
मध्यच्छद
फेफड़ों के नीचे स्थित पेशीय पट।
श्वसन तंत्र टेस्ट
कुल प्रश्न: 40
प्रति प्रश्न समय: 40 सेकंड