चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest)
भाग 1: बुनियादी अवधारणाएं (Basic Concepts)
जब किसी निश्चित समय के बाद मिलने वाले ब्याज को मूलधन (Principal) में जोड़ दिया जाता है, और फिर अगले समय अंतराल के लिए इस नए मिश्रधन (Amount) पर ब्याज की गणना की जाती है, तो इसे चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest – C.I.) कहते हैं। सरल शब्दों में, ब्याज पर मिलने वाला ब्याज ही चक्रवृद्धि ब्याज है।
महत्वपूर्ण शब्दावली (Key Terms):
- मूलधन (Principal – P): वह राशि जो उधार ली या निवेश की जाती है।
- दर (Rate – R%): प्रति वर्ष प्रति सौ रुपये पर मिलने वाला ब्याज।
- समय (Time – n या t): वह कुल अवधि जिसके लिए पैसा दिया गया है।
- मिश्रधन (Amount – A): मूलधन और चक्रवृद्धि ब्याज का कुल योग (A = P + C.I.)।
भाग 2: महत्वपूर्ण सूत्र (Fundamental Formulas)
NCERT और प्रतियोगी गणित के नियमानुसार अलग-अलग समय अंतरालों के लिए निम्नलिखित सूत्रों का प्रयोग किया जाता है:
इस स्थिति में दर आधी (R/2) और समय दुगुना (2n) हो जाता है।
इस स्थिति में दर एक-चौथाई (R/4) और समय चार गुना (4n) हो जाता है।
भाग 3: C.I. और S.I. के बीच अंतर (Most Important for SSC/RRB)
प्रतियोगी परीक्षाओं (SSC CGL, CHSL, RRB NTPC) में 2 और 3 वर्षों के साधारण ब्याज (S.I.) तथा चक्रवृद्धि ब्याज (C.I.) के अंतर पर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।
- 2 वर्ष के अंतर का सूत्र:
D₂ = P * (R / 100)²
- 3 वर्ष के अंतर का सूत्र:
D₃ = P * (R / 100)² * [(300 + R) / 100]
(यहाँ D का अर्थ चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के बीच का अंतर है)
भाग 4: स्मार्ट ट्रिक्स और मेथड्स (Exam Shortcuts)
परीक्षा में समय बचाने के लिए लंबे सूत्रों के स्थान पर इन तीन आधुनिक विधियों का प्रयोग करें:
1. प्रभावी दर विधि (Effective Rate Method – 2 वर्ष के लिए)
Successive Percentage के सिद्धांत पर आधारित:
उदाहरण: यदि दर 10% है, तो 2 वर्ष की प्रभावी C.I. दर = 10 + 10 + 1 = 21% होगी।
2. अनुपात विधि (Ratio Method)
मूलधन के क्रमिक ब्याज निकालने के लिए निश्चित अनुपातों का प्रयोग करें:
- 2 वर्ष के लिए: 2 : 1
- 3 वर्ष के लिए: 3 : 3 : 1
- 4 वर्ष के लिए: 4 : 6 : 4 : 1
भाग 5: परीक्षा-उन्मुख उदाहरण एवं विस्तृत हल (Example Questions)
हल:
हम जानते हैं कि 3 वर्ष के लिए अनुपात 3 : 3 : 1 होता है।
स्टेप 1: ₹10,000 का 10% = ₹1,000
स्टेप 2: ₹1,000 का 10% = ₹100
स्टेप 3: ₹100 का 10% = ₹10
अब प्राप्त मूल्यों को अनुपात से गुणा करके जोड़ें:
(1,000 * 3) + (100 * 3) + (10 * 1)
= 3,000 + 300 + 10 = ₹3,310.
उत्तर: चक्रवृद्धि ब्याज ₹3,310 है।
हल:
चूंकि ब्याज छमाही संयोजित होता है, इसलिए नियमानुसार:
नई दर (R’) = 20% / 2 = 10%
नया समय (n’) = 1 वर्ष * 2 = 2 छमाही
10% की दर से 2 वर्ष की प्रभावी C.I. दर = 10 + 10 + (10*10)/100 = 21%
कुल C.I. = 8,000 का 21% = (8000 * 21) / 100 = ₹1,680.
उत्तर: चक्रवृद्धि ब्याज ₹1,680 है।
हल (शॉर्टकट ट्रिक):
• 5 वर्ष → 2 गुना (2¹)
• ? वर्ष → 8 गुना (2³)
ट्रिक: दिए गए पहले समय को नए गुने की घात (Power) से सीधे गुणा कर दें।
समय = 5 वर्ष * 3 = 15 वर्ष।
उत्तर: वह धन 15 वर्षों में 8 गुना हो जाएगा।
हल:
2 वर्ष के अंतर का सूत्र: D₂ = P * (R / 100)²
मान रखने पर: 25 = P * (5 / 100)²
25 = P * (25 / 10000)
P = (25 * 10000) / 25 = ₹10,000.
उत्तर: मूलधन ₹10,000 है।
हल:
दर = 10% = 1/10 (अर्थात ₹10 मूलधन पर ₹1 ब्याज, मिश्रधन या किस्त = ₹11)
वर्ष 1 के लिए: मूलधन = 10, किस्त = 11
वर्ष 2 के लिए: मूलधन = 10² = 100, किस्त = 11² = 121
चूंकि किस्तें बराबर हैं, इसलिए पहली समीकरण को 11 से गुणा करने पर:
नया वर्ष 1: मूलधन = 110, किस्त = 121
वर्ष 2: मूलधन = 100, किस्त = 121
कुल मूलधन = 110 + 100 = ₹210
चूँकि प्रश्न में दिया गया वास्तविक मूलधन भी ₹210 ही है, अतः अनुपात का मान वास्तविक मान के बराबर है।
उत्तर: प्रत्येक किस्त की राशि ₹121 होगी।
• यदि ब्याज वार्षिक रूप से संयोजित होता है, तो पहले वर्ष के लिए साधारण ब्याज (S.I.) और चक्रवृद्धि ब्याज (C.I.) हमेशा समान होते हैं।
• गणना को तीव्र करने के लिए 5% और 10% की दरों पर 2, 3 और 4 वर्षों के प्रभावी ब्याज प्रतिशत को सीधे याद रखें।
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चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest)
नियम और शर्तें:
1. इस टेस्ट में कुल 50 प्रश्न शामिल हैं (Basic से Advance लेवल)।
2. प्रत्येक प्रश्न के लिए 40 सेकंड का समय निर्धारित है।
3. उत्तर पर क्लिक करते ही परिणाम (सही/गलत) दिखेगा और स्वतः अगला प्रश्न आ जाएगा।
4. समय समाप्त होने पर भी प्रश्न स्वतः बदल जाएगा।
Response
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