Compound interest

चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) – सम्पूर्ण नोट्स

चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest)

कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं NCERT व SSC/RRB प्रतियोगी परीक्षाओं पर आधारित सम्पूर्ण नोट्स

भाग 1: बुनियादी अवधारणाएं (Basic Concepts)

जब किसी निश्चित समय के बाद मिलने वाले ब्याज को मूलधन (Principal) में जोड़ दिया जाता है, और फिर अगले समय अंतराल के लिए इस नए मिश्रधन (Amount) पर ब्याज की गणना की जाती है, तो इसे चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest – C.I.) कहते हैं। सरल शब्दों में, ब्याज पर मिलने वाला ब्याज ही चक्रवृद्धि ब्याज है।

महत्वपूर्ण शब्दावली (Key Terms):

  • मूलधन (Principal – P): वह राशि जो उधार ली या निवेश की जाती है।
  • दर (Rate – R%): प्रति वर्ष प्रति सौ रुपये पर मिलने वाला ब्याज।
  • समय (Time – n या t): वह कुल अवधि जिसके लिए पैसा दिया गया है।
  • मिश्रधन (Amount – A): मूलधन और चक्रवृद्धि ब्याज का कुल योग (A = P + C.I.)।

भाग 2: महत्वपूर्ण सूत्र (Fundamental Formulas)

NCERT और प्रतियोगी गणित के नियमानुसार अलग-अलग समय अंतरालों के लिए निम्नलिखित सूत्रों का प्रयोग किया जाता है:

1. जब ब्याज वार्षिक (Annually) संयोजित होता है:
A = P [1 + (R / 100)]^n
C.I. = A – P = P * [(1 + R/100)^n – 1]
2. जब ब्याज छमाही (Half-yearly) संयोजित होता है:

इस स्थिति में दर आधी (R/2) और समय दुगुना (2n) हो जाता है।

A = P [1 + (R / 2) / 100]^(2n)
3. जब ब्याज तिमाही (Quarterly) संयोजित होता है:

इस स्थिति में दर एक-चौथाई (R/4) और समय चार गुना (4n) हो जाता है।

A = P [1 + (R / 4) / 100]^(4n)
4. जब समय भिन्न (Fraction) में हो (जैसे 2(3/4) वर्ष):
A = P [1 + (R/100)]^2 * [1 + ((3/4)R / 100)]

भाग 3: C.I. और S.I. के बीच अंतर (Most Important for SSC/RRB)

प्रतियोगी परीक्षाओं (SSC CGL, CHSL, RRB NTPC) में 2 और 3 वर्षों के साधारण ब्याज (S.I.) तथा चक्रवृद्धि ब्याज (C.I.) के अंतर पर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।

  • 2 वर्ष के अंतर का सूत्र:
    D₂ = P * (R / 100)²
  • 3 वर्ष के अंतर का सूत्र:
    D₃ = P * (R / 100)² * [(300 + R) / 100]

(यहाँ D का अर्थ चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के बीच का अंतर है)

भाग 4: स्मार्ट ट्रिक्स और मेथड्स (Exam Shortcuts)

परीक्षा में समय बचाने के लिए लंबे सूत्रों के स्थान पर इन तीन आधुनिक विधियों का प्रयोग करें:

1. प्रभावी दर विधि (Effective Rate Method – 2 वर्ष के लिए)

Successive Percentage के सिद्धांत पर आधारित:

Effective Rate % = X + Y + (X * Y) / 100

उदाहरण: यदि दर 10% है, तो 2 वर्ष की प्रभावी C.I. दर = 10 + 10 + 1 = 21% होगी।

2. अनुपात विधि (Ratio Method)

मूलधन के क्रमिक ब्याज निकालने के लिए निश्चित अनुपातों का प्रयोग करें:

  • 2 वर्ष के लिए: 2 : 1
  • 3 वर्ष के लिए: 3 : 3 : 1
  • 4 वर्ष के लिए: 4 : 6 : 4 : 1

भाग 5: परीक्षा-उन्मुख उदाहरण एवं विस्तृत हल (Example Questions)

प्रश्न 1 (बेसिक C.I. – अनुपात विधि): ₹10,000 की राशि पर 10% वार्षिक दर से 3 वर्ष का चक्रवृद्धि ब्याज ज्ञात कीजिए।

हल:
हम जानते हैं कि 3 वर्ष के लिए अनुपात 3 : 3 : 1 होता है।
स्टेप 1: ₹10,000 का 10% = ₹1,000
स्टेप 2: ₹1,000 का 10% = ₹100
स्टेप 3: ₹100 का 10% = ₹10

अब प्राप्त मूल्यों को अनुपात से गुणा करके जोड़ें:
(1,000 * 3) + (100 * 3) + (10 * 1)
= 3,000 + 300 + 10 = ₹3,310.
उत्तर: चक्रवृद्धि ब्याज ₹3,310 है।

प्रश्न 2 (छमाही संयोजन): ₹8,000 का 20% वार्षिक दर से 1 वर्ष का चक्रवृद्धि ब्याज क्या होगा, यदि ब्याज छमाही संयोजित होता है?

हल:
चूंकि ब्याज छमाही संयोजित होता है, इसलिए नियमानुसार:
नई दर (R’) = 20% / 2 = 10%
नया समय (n’) = 1 वर्ष * 2 = 2 छमाही

10% की दर से 2 वर्ष की प्रभावी C.I. दर = 10 + 10 + (10*10)/100 = 21%
कुल C.I. = 8,000 का 21% = (8000 * 21) / 100 = ₹1,680.
उत्तर: चक्रवृद्धि ब्याज ₹1,680 है।

प्रश्न 3 (गुणा आधारित): कोई धन चक्रवृद्धि ब्याज से 5 वर्ष में दुगुना हो जाता है। वह कितने वर्षों में 8 गुना हो जाएगा?

हल (शॉर्टकट ट्रिक):
• 5 वर्ष → 2 गुना (2¹)
• ? वर्ष → 8 गुना (2³)

ट्रिक: दिए गए पहले समय को नए गुने की घात (Power) से सीधे गुणा कर दें।
समय = 5 वर्ष * 3 = 15 वर्ष।
उत्तर: वह धन 15 वर्षों में 8 गुना हो जाएगा।

प्रश्न 4 (C.I. और S.I. का अंतर): किसी धन का 5% वार्षिक दर से 2 वर्ष के चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज का अंतर ₹25 है। मूलधन ज्ञात कीजिए।

हल:
2 वर्ष के अंतर का सूत्र: D₂ = P * (R / 100)²
मान रखने पर: 25 = P * (5 / 100)²
25 = P * (25 / 10000)
P = (25 * 10000) / 25 = ₹10,000.
उत्तर: मूलधन ₹10,000 है।

प्रश्न 5 (किस्त / Installment – Advanced Level): ₹210 की राशि दो बराबर वार्षिक किस्तों में वापस की जानी है। यदि ब्याज की दर 10% वार्षिक चक्रवृद्धि हो, तो प्रत्येक किस्त की राशि क्या होगी?

हल:
दर = 10% = 1/10 (अर्थात ₹10 मूलधन पर ₹1 ब्याज, मिश्रधन या किस्त = ₹11)
वर्ष 1 के लिए: मूलधन = 10, किस्त = 11
वर्ष 2 के लिए: मूलधन = 10² = 100, किस्त = 11² = 121

चूंकि किस्तें बराबर हैं, इसलिए पहली समीकरण को 11 से गुणा करने पर:
नया वर्ष 1: मूलधन = 110, किस्त = 121
वर्ष 2: मूलधन = 100, किस्त = 121

कुल मूलधन = 110 + 100 = ₹210
चूँकि प्रश्न में दिया गया वास्तविक मूलधन भी ₹210 ही है, अतः अनुपात का मान वास्तविक मान के बराबर है।
उत्तर: प्रत्येक किस्त की राशि ₹121 होगी।

परीक्षा के लिए त्वरित बिंदु (Exam Pointers):
• यदि ब्याज वार्षिक रूप से संयोजित होता है, तो पहले वर्ष के लिए साधारण ब्याज (S.I.) और चक्रवृद्धि ब्याज (C.I.) हमेशा समान होते हैं।
• गणना को तीव्र करने के लिए 5% और 10% की दरों पर 2, 3 और 4 वर्षों के प्रभावी ब्याज प्रतिशत को सीधे याद रखें।

© 2026 – चक्रवृद्धि ब्याज डिजिटल क्लास नोट्स।

Compound Interest Mega Test – 50 Questions

चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest)

SSC & RRB Special Mega Live Test (50 Questions)

नियम और शर्तें:
1. इस टेस्ट में कुल 50 प्रश्न शामिल हैं (Basic से Advance लेवल)।
2. प्रत्येक प्रश्न के लिए 40 सेकंड का समय निर्धारित है।
3. उत्तर पर क्लिक करते ही परिणाम (सही/गलत) दिखेगा और स्वतः अगला प्रश्न आ जाएगा।
4. समय समाप्त होने पर भी प्रश्न स्वतः बदल जाएगा।

Response

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