ज्यामिति और त्रिकोणमिति (Geometry & Trigonometry)
भाग 1: ज्यामिति (Geometry) – मूल अवधारणाएं व नियम
ज्यामिति (Geometry) आकारों, रेखाओं, कोणों और उनके गुणों का अध्ययन है। SSC (CGL, CHSL, MTS) और RRB परीक्षाओं के दृष्टिकोण से इसके प्रमेय और सूत्र अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
1. रेखाएं और कोण (Lines and Angles)
- पूरक कोण (Complementary Angles): जब दो कोणों का योग 90° हो (जैसे A + B = 90°)।
- सम्पूरक कोण (Supplementary Angles): जब दो कोणों का योग 180° हो (जैसे A + B = 180°)।
- शीर्षाभिमुख कोण (Vertically Opposite Angles): दो प्रतिच्छेदी रेखाओं के आमने-सामने के कोण हमेशा बराबर होते हैं।
- समानांतर रेखाएं और तिर्यक रेखा (Parallel & Transversal Lines): जब एक तिर्यक रेखा दो समानांतर रेखाओं को काटती है, तो:
• संगत कोण (Corresponding Angles) बराबर होते हैं।
• एकांतर कोण (Alternate Angles) बराबर होते हैं।
• अंतःकोणों का योग हमेशा 180° होता है।
2. त्रिभुज की बुनियादी विशेषताएँ (Properties of Triangles)
त्रिभुज के तीनों आंतरिक कोणों का योग हमेशा 180° होता है। इसके बाह्य कोण का मान दो विपरीत आंतरिक कोणों के योग के बराबर होता है।
3. त्रिभुज के केंद्र (Centers of a Triangle)
- केंद्रक (Centroid – G): यह माध्यिकाओं (Medians) का प्रतिच्छेदन बिंदु है। यह माध्यिका को हमेशा 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है।
- अंतःकेंद्र (Incenter – I): कोण समद्विभाजकों (Angle Bisectors) का मिलन बिंदु।
∠BIC = 90° + (∠A / 2)
- लंबकेंद्र (Orthocenter – O): शीर्षलंबों (Altitudes) का मिलन बिंदु।
∠BOC = 180° – ∠A
- परिकेंद्र (Circumcenter – C): भुजाओं के लंब समद्विभाजकों (Perpendicular Bisectors) का मिलन बिंदु।
∠BSC = 2 × ∠A
4. महत्वपूर्ण ज्यामिति प्रमेय (Important Theorems)
- थेल्स प्रमेय / मध्य-बिंदु प्रमेय (Thales / Mid-point Theorem): त्रिभुज की दो भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा तीसरी भुजा के समानांतर और उसकी आधी होती है।
- अपोलोनियस प्रमेय (Apollonius Theorem): यदि AD त्रिभुज ABC की एक माध्यिका है, तो:
AB² + AC² = 2 × (AD² + BD²)
- चक्रीय चतुर्भुज (Cyclic Quadrilateral): ऐसा चतुर्भुज जिसके चारों शीर्ष वृत्त की परिधि पर हों। इसके सम्मुख कोणों का योग हमेशा 180° होता है।
- स्पर्श रेखा नियम (Tangent & Secant Theorems): यदि वृत्त के बाहर किसी बिंदु P से PT एक स्पर्श रेखा है और PAB एक छेदक रेखा है, तो:
PT² = PA × PB
भाग 2: त्रिकोणमिति (Trigonometry) – सूत्र और नियम
त्रिकोणमिति मूल रूप से समकोण त्रिभुज (Right-Angled Triangle) की भुजाओं और कोणों के संबंधों पर आधारित है।
1. त्रिकोणमितीय अनुपात (Trigonometric Ratios)
एक समकोण त्रिभुज में (जहाँ P = लंब, B = आधार, H = कर्ण):
- sin θ = P / H (लंब / कर्ण)
- cos θ = B / H (आधार / कर्ण)
- tan θ = P / B (लंब / आधार)
- cosec θ = H / P | sec θ = H / B | cot θ = B / P
(3, 4, 5) | (5, 12, 13) | (8, 15, 17) | (7, 24, 25) | (9, 40, 41)
2. मूलभूत सर्वसमिकाएँ (Basic Identities)
2. 1 + tan² θ = sec² θ ⇒ sec² θ – tan² θ = 1
3. 1 + cot² θ = cosec² θ ⇒ cosec² θ – cot² θ = 1
3. चतुर्थांश नियम (Quadrant System – ASTC Rule)
- प्रथम चतुर्थांश (0° से 90°): ALL (सभी अनुपात) धनात्मक (Positive) होते हैं।
- द्वितीय चतुर्थांश (90° से 180°): SIN और COSEC धनात्मक होते हैं।
- तृतीय चतुर्थांश (180° से 270°): TAN और COT धनात्मक होते हैं।
- चतुर्थ चतुर्थांश (270° से 360°): COS और SEC धनात्मक होते हैं।
4. उच्च स्तरीय सूत्र (NCERT Class 11th Advance)
• cos(A ± B) = cos A cos B ∓ sin A sin B
• tan(A ± B) = (tan A ± tan B) / (1 ∓ tan A tan B)
• sin 2θ = 2 sin θ cos θ = (2 tan θ) / (1 + tan² θ)
• cos 2θ = cos² θ – sin² θ = 2cos² θ – 1 = 1 – 2sin² θ
भाग 3: त्रिकोणमितीय मान तालिका (Standard Values Table)
| अनुपात (Ratio) | 0° | 30° | 45° | 60° | 90° |
|---|---|---|---|---|---|
| sin θ | 0 | 1/2 | 1/√2 | √3/2 | 1 |
| cos θ | 1 | √3/2 | 1/√2 | 1/2 | 0 |
| tan θ | 0 | 1/√3 | 1 | √3 | अपरिभाषित (∞) |
भाग 4: NCERT व प्रतियोगी परीक्षा आधारित प्रश्न (हल सहित)
हल:
प्रमेय के अनुसार, आंतरिक कोण समद्विभाजकों द्वारा अंतःकेंद्र पर बना कोण निम्नलिखित होता है:
∠BOC = 90° + (∠A / 2)
∠A का मान रखने पर:
∠BOC = 90° + (70° / 2)
∠BOC = 90° + 35° = 125°
हल:
माना वृत्त का केंद्र O है और जीवा AB है। केंद्र से जीवा पर डाला गया लंब OM है जो जीवा को समद्विभाजित करता है।
त्रिज्या (OA) = 10 cm, लंब दूरी (OM) = 6 cm
समकोण त्रिभुज OMA में पाइथागोरस प्रमेय से:
OA² = OM² + AM² ⇒ 10² = 6² + AM²
100 = 36 + AM² ⇒ AM² = 64 ⇒ AM = 8 cm
जीवा की कुल लंबाई (AB) = 2 × AM = 2 × 8 = 16 cm
हल:
हम जानते हैं कि यदि sec θ + tan θ = 5 है, तो sec θ – tan θ = 1/5 होगा।
दोनों समीकरणों को जोड़ने पर:
(sec θ + tan θ) + (sec θ – tan θ) = 5 + 1/5
2 sec θ = 26/5 ⇒ sec θ = 13/5
चूंकि sec θ = कर्ण / आधार = 13 / 5, पाइथागोरस ट्रिपलेट (5, 12, 13) से लंब = 12 प्राप्त होगा।
अतः, sin θ = लंब / कर्ण = 12 / 13
हल:
माना खंभे की ऊंचाई = h, तब परछाई की लंबाई = √3h
tan θ = लंब / आधार का प्रयोग करने पर:
tan θ = h / (√3h) ⇒ tan θ = 1 / √3
हम जानते हैं कि tan 30° = 1 / √3 होता है।
अतः उन्नयन कोण θ = 30°
भाग 5: अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
- ज्यामिति: एक वृत्त की दो जीवाएं AB और CD एक दूसरे को वृत्त के भीतर बिंदु P पर काटती हैं। यदि AP = 4 cm, PB = 6 cm, और CP = 3 cm हो, तो PD की लंबाई ज्ञात करें। उत्तर: 8 cm
- त्रिकोणमिति: यदि tan θ = 4/3 है, तो (3 sin θ + 2 cos θ) / (3 sin θ – 2 cos θ) का मान ज्ञात कीजिए। उत्तर: 3
1. त्रिकोणमिति के जटिल प्रश्नों में θ = 45° या 30°/60° मान रखकर (Value Putting) विकल्प जांचें। इससे 10 सेकंड में उत्तर आ जाता है।
2. ज्यामिति में केंद्रक और अंतःकेंद्र के नियमों को सीधे चित्र बनाकर हल करें, यह समय बचाता है।
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ज्यामिति & त्रिकोणमिति महा-अभ्यास टेस्ट
RRB / SSC परीक्षा विशेष
नियम और शर्तें:
• टेस्ट में कुल 50 महत्वपूर्ण प्रश्न (Basic to Advance) शामिल हैं।
• प्रत्येक प्रश्न के लिए केवल 40 सेकंड का समय मिलेगा।
• उत्तर पर क्लिक करते ही वह सही (Green) या गलत (Red) लाइव दिखाएगा और सिस्टम ऑटो-नेक्स्ट हो जाएगा।
• समय समाप्त होने पर भी प्रश्न स्वचालित रूप से बदल जाएगा।
परीक्षा परिणाम (Test Result)
आपने सफलतापूर्वक 50 प्रश्नों का टेस्ट पूरा कर लिया है।
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